दिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण के 2026 के नियम: जीआरएपी में क्या बदला
स्मॉग के मौसम से पहले वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान को सख़्त किया है। डीज़ल जनरेटर और अंतरराज्यीय बसों पर पाबंदियाँ अब पहले चरण से शुरू होंगी, पुरानी गाड़ियों की पाबंदी ज़्यादा ज़िलों में लागू होगी, और नागरिक चार्टर 22 से बढ़कर 34 कार्यों का हो गया है।
क्या बदला
- सीएक्यूएम ने 28 सितंबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर के जीआरएपी में संशोधन किया: कुछ पाबंदियाँ अब पहले चरण से शुरू होंगी, पुरानी कारों की पाबंदी ज़्यादा ज़िलों में होगी, और नागरिक चार्टर में 34 कार्य हैं।
जीआरएपी क्या है
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (जीआरएपी) आपात उपायों का वह समूह है जिसे वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) हवा बिगड़ने पर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू करता है। उपाय चार चरणों में बँटे हैं, और हर चरण में पाबंदियाँ और सख़्त होती हैं।
हाल के सालों में पहला चरण अक्टूबर के बीच में लागू हुआ है। उदाहरण के लिए 2024 में वायु गुणवत्ता सूचकांक 234, यानी 'ख़राब' श्रेणी में पहुँचने पर सीएक्यूएम ने पूरे एनसीआर में पहला चरण लागू किया था।
2026 में क्या बदला
द प्रिंट के अनुसार सीएक्यूएम ने 28 सितंबर 2026 को जीआरएपी में संशोधन किया और अगले दिन उसके सदस्य एसडी अत्री ने बदलाव समझाए। डीज़ल जनरेटर सेट और दिल्ली में चलने वाली अंतरराज्यीय बसों से जुड़े उपाय दूसरे चरण से पहले चरण में आ गए हैं, यानी अब ये पहले लागू होंगे। निर्माण और परिवहन के कुछ दोहराए जाने वाले उपाय भी मिलाकर दूसरे से पहले चरण में लाए गए।
तीसरे चरण में बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीज़ल कारों पर पाबंदी अब हरियाणा के सोनीपत ज़िले और ग़ाज़ियाबाद, फ़रीदाबाद तथा गौतम बुद्ध नगर के सीमावर्ती इलाक़ों में भी लागू होगी। नागरिकों से अपेक्षित कार्यों की सूची, यानी नागरिक चार्टर, 22 से बढ़कर 34 बिंदुओं की हो गई है।
शहर की सीमा से बाहर निर्माण
सीएक्यूएम ने निर्माण और तोड़फोड़ के मलबे से जुड़े निर्देश भी बदले। अत्री ने कहा कि निर्माण अब शहरी स्थानीय निकायों से बाहर, जैसे औद्योगिक क्षेत्रों, राजमार्गों और विकास क्षेत्रों तक फैल गया है, और वहाँ के निर्माण को भी अब वेब पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा और उसकी निगरानी होगी।
पहले चरण में क्या होता है
2024 में जब सीएक्यूएम ने पहला चरण लागू किया, तो उपायों में निर्माण और तोड़फोड़ स्थलों पर धूल नियंत्रण लागू करना, नगरपालिका के ठोस कचरे को नियमित उठाना, एंटी-स्मॉग गन, पानी के छिड़काव और धूल रोकने के उपाय बढ़ाना, और यह सुनिश्चित करना शामिल था कि डीज़ल जनरेटर बिजली के नियमित स्रोत के रूप में इस्तेमाल न हों।
राज्य और आगे जा सकते हैं
अत्री ने कहा कि राज्य सरकारें अपने प्रदूषण-रोधी उपाय जोड़ सकती हैं। द प्रिंट के अनुसार दिल्ली सरकार और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने अपने अलग उपाय घोषित किए हैं, जिन्हें सीएक्यूएम ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया।
आप क्या कर सकते हैं
अपने इलाक़े का दैनिक वायु गुणवत्ता सूचकांक देखें, ख़ासकर सुबह और शाम, और कोई चरण लागू होने पर सीएक्यूएम के नागरिक चार्टर का पालन करें। दमा, हृदय या फेफड़ों की बीमारी वाले लोग, बुज़ुर्ग और बच्चे ख़राब हवा से सबसे ज़्यादा प्रभावित होते हैं और ख़राब दिनों में उन्हें ज़्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
यह क्यों मायने रखता है
- दिल्ली-एनसीआर की हवा आम तौर पर अक्टूबर से बिगड़ती है, और जीआरएपी तय करता है कि गाड़ियों, निर्माण और जनरेटर पर कौन-सी पाबंदियाँ लागू होंगी।
- पहले लगने वाली पाबंदियों का मक़सद हवा को 'बहुत ख़राब' और 'गंभीर' श्रेणी में जाने से धीमा करना है।
क्या अभी स्पष्ट नहीं है
- किसी दिन कौन-सा चरण लागू है, यह सीएक्यूएम के आदेशों और वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान पर निर्भर करता है।
- दिल्ली सरकार और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के अलग घोषित उपाय बदल सकते हैं।
तथ्य और प्रमाण
सीएक्यूएम ने 28 सितंबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर के जीआरएपी में संशोधन किया।
डीज़ल जनरेटर सेट और दिल्ली में अंतरराज्यीय बसों से जुड़े उपाय दूसरे से पहले चरण में आ गए।
तीसरे चरण में बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीज़ल कारों पर पाबंदी अब सोनीपत और ग़ाज़ियाबाद, फ़रीदाबाद तथा गौतम बुद्ध नगर के सीमावर्ती इलाक़ों में भी लागू होगी।
नागरिक चार्टर 22 से बढ़कर 34 कार्यों का हो गया।
2024 में एक्यूआई 234, यानी 'ख़राब' श्रेणी में पहुँचने पर सीएक्यूएम ने पूरे एनसीआर में पहला चरण लागू किया था।
जीआरएपी के चार चरण हैं; सीएक्यूएम ने नवंबर 2025 में इसे और सख़्त किया था।
स्रोत
News On AIR (All India Radio): Stage-I GRAP invoked in Delhi-NCR as AQI reaches 234 (15 October 2024)आधिकारिक दस्तावेज़ · EN
एक्यूआई 234 पहुँचने पर दिल्ली-एनसीआर में जीआरएपी का पहला चरण लागू (15 अक्टूबर 2024)
मूल स्रोत पर पढ़ेंNews On AIR (All India Radio): CAQM tightens GRAP for Delhi-NCR (22 November 2025)आधिकारिक दस्तावेज़ · EN
सीएक्यूएम ने दिल्ली-एनसीआर के लिए जीआरएपी सख़्त किया (22 नवंबर 2025)
मूल स्रोत पर पढ़ेंThePrint: Winter pollution playbook updated: CAQM tightens GRAP 2026 for Delhi (29 September 2026)मूल स्रोत पर पढ़ें · EN
सर्दियों के प्रदूषण की योजना अपडेट: सीएक्यूएम ने दिल्ली के लिए जीआरएपी 2026 सख़्त किया (29 सितंबर 2026)
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