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नीट-यूजी लीक के बाद: संसद की शिक्षा समिति एनटीए में क्या बदलाव चाहती है

इस साल पेपर लीक के कारण नीट-यूजी रद्द होने के बाद एक संसदीय समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के लिए सरकारी केंद्रों पर कंप्यूटर-आधारित परीक्षा, बड़ा प्रश्न बैंक और संसद के प्रति जवाबदेही की सिफ़ारिश की है। सरकार पहले ही कह चुकी है कि अगले साल से नीट-यूजी कंप्यूटर-आधारित होगी।

क्या बदला

  • एक संसदीय समिति ने 9 अक्टूबर 2026 को एनटीए सुधार पर अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें कंप्यूटर-आधारित परीक्षा, सरकारी केंद्रों और संसद के प्रति जवाबदेही की सिफ़ारिश है।

इस साल क्या हुआ

स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों की राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 3 मई 2026 को हुई। 12 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया। सीबीआई मामले की जाँच कर रही है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 21 जून को दोबारा परीक्षा की घोषणा की और कहा कि अगले साल से नीट-यूजी मौजूदा ओएमआर उत्तर-पत्रकों की जगह कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (सीबीटी) के रूप में होगी।

समिति की सिफ़ारिशें

9 अक्टूबर को संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी समिति ने एनटीए के सुधार और सुदृढ़ीकरण पर अपनी रिपोर्ट पेश की। उसने कहा कि नीट-यूजी 2026 का रद्द होना बताता है कि और सुधार ज़रूरी है।

समिति ने काग़ज़-क़लम की जगह कंप्यूटर-आधारित परीक्षा मॉडल अपनाने, सरकारी स्वामित्व और संचालन वाले परीक्षा केंद्रों को शामिल करने और निजी केंद्रों पर निर्भरता घटाने की सिफ़ारिश की है। उसने एनटीए से एक बड़ा, विविध और लगातार अपडेट होने वाला प्रश्न बैंक बनाने, मज़बूत सुरक्षा व्यवस्था अपनाने और परीक्षा सुरक्षा तथा डिजिटल ढाँचे के विशेषज्ञ कर्मचारी रखने को कहा है। उसने ऐसा संसदीय ढाँचा बनाने की माँग भी की है जो एनटीए को संसद के प्रति जवाबदेह बनाए।

दबाव में एजेंसी

समिति ने बताया कि एनटीए में 39 स्वीकृत पदों के मुक़ाबले केवल 23 अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं, यानी 41% पद ख़ाली हैं। एजेंसी हर साल नीट-यूजी, जेईई मेन, सीयूईटी और यूजीसी-नेट सहित कई राष्ट्रीय परीक्षाएँ कराती है।

सुप्रीम कोर्ट की भी नज़र

अगस्त में नीट-यूजी 2026 पेपर लीक से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय शिक्षा सचिव को हलफ़नामा दाख़िल कर यह बताने का निर्देश दिया कि नंदन नीलेकणि समिति द्वारा परिष्कृत राधाकृष्णन समिति की सिफ़ारिशों को लागू करने के लिए क्या क़दम उठाए जा रहे हैं। अदालत ने प्रश्न-पत्र सील करने के लिए एक स्थायी समिति का ब्योरा भी माँगा।

इसरो के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली राधाकृष्णन समिति नीट-यूजी 2024 पेपर लीक विवाद के बाद बनी थी और उसने अक्टूबर 2024 में शिक्षा मंत्रालय को 101 सिफ़ारिशें सौंपी थीं।

नीट 2027 के उम्मीदवारों के लिए इसका मतलब

समिति की रिपोर्ट सरकार के लिए सलाह है, फ़ैसला नहीं। अब तक तय यह है कि मंत्री ने अगले साल से नीट-यूजी कंप्यूटर-आधारित होने की घोषणा की है। 2027 की तैयारी कर रहे उम्मीदवार कंप्यूटर-आधारित प्रारूप का अभ्यास करें और परीक्षा पैटर्न तथा तारीख़ों के लिए केवल एनटीए की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

यह क्यों मायने रखता है

  • हर साल लाखों उम्मीदवार नीट-यूजी देते हैं, और इस साल के लीक के कारण परीक्षा रद्द होकर दोबारा करानी पड़ी।
  • सरकार पहले ही अगले साल से कंप्यूटर-आधारित नीट का वादा कर चुकी है; समिति की रिपोर्ट एनटीए में व्यापक सुधार का दबाव बढ़ाती है।

क्या अभी स्पष्ट नहीं है

  • सरकार ने अभी नहीं बताया है कि वह समिति की कौन-सी सिफ़ारिशें मानेगी।
  • लीक की सीबीआई जाँच जारी है।

तथ्य और प्रमाण

रिपोर्ट के अनुसार

3 मई को हुई नीट-यूजी 2026 को एनटीए ने पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया।

आधिकारिक बयान

शिक्षा मंत्री ने 21 जून को दोबारा परीक्षा की घोषणा की और कहा कि अगले साल से नीट-यूजी कंप्यूटर-आधारित होगी; सीबीआई जाँच कर रही है।

प्रस्तावित

9 अक्टूबर 2026 को एक संसदीय समिति ने कंप्यूटर-आधारित परीक्षा, सरकारी केंद्रों, बड़े प्रश्न बैंक और एनटीए की संसद के प्रति जवाबदेही के ढाँचे की सिफ़ारिश की।

रिपोर्ट के अनुसार

समिति ने बताया कि एनटीए के 39 स्वीकृत अधिकारी पदों में से केवल 23 भरे हैं, यानी 41% पद ख़ाली हैं।

आधिकारिक बयान

सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा सचिव को अक्टूबर 2024 में दी गई राधाकृष्णन समिति की 101 सिफ़ारिशें लागू करने पर हलफ़नामा दाख़िल करने का निर्देश दिया।

स्रोत

  • News On AIR (All India Radio): NTA to re-conduct NEET (UG) 2026 examination on June 21 (15 May 2026)आधिकारिक दस्तावेज़ · EN

    एनटीए 21 जून को नीट (यूजी) 2026 परीक्षा दोबारा कराएगी (15 मई 2026)

    मूल स्रोत पर पढ़ें
  • News On AIR (All India Radio): SC seeks Centre's response on implementing the Radhakrishnan Committee's exam reform recommendations after the NEET-UG paper leak (19 August 2026)आधिकारिक दस्तावेज़ · EN

    नीट-यूजी पेपर लीक के बाद परीक्षा सुधार पर राधाकृष्णन समिति की सिफ़ारिशें लागू करने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब माँगा (19 अगस्त 2026)

    मूल स्रोत पर पढ़ें
  • ThePrint (PTI): NEET UG paper leak: RS panel for mechanism to ensure NTA's accountability to Parliament (9 October 2026)मूल स्रोत पर पढ़ें · EN

    नीट यूजी पेपर लीक: राज्यसभा समिति ने एनटीए की संसद के प्रति जवाबदेही की व्यवस्था माँगी (9 अक्टूबर 2026)

    मूल स्रोत पर पढ़ें